एक बार अटल बिहारी , मुशर्रफ , मल्लिका शेरावत और मार्गरेट थेचर , एक साथ ट्रेन में सफर कर रहे थे। ट्रेन एक सुरंग के अंदर से गुजरी , घना अंधेरा छा गया। अटल को पता नही क्या सूझी , उसने अपने हाथ को चूमकर एक जोरदार आवाज निकाली और एक जोरदार झापड़ मुशर्रफ के रसीद कर दिया। सभी ने झापड़ की आवाज़ को सुना। ट्रेन जब सुरंग से बाहर निकली , सबने देखा , मुशर्रफ अपने गाल को सहला रहा था , सभी ने अलग अलग सोचा :
मुशर्रफ सोच रहा था : अटल ने मल्लिका को किस किया होगा , गलती से झापड़ मुझे पड़ गया।
मल्लिका सोच रही थी : हो सकता है मुशर्रफ ने मेरे को किस करने के चक्कर मे मार्गरेट थैचर को किस कर दिया हो इसलिए पिटा।
मार्गरेट सोच रही थीं : ये मुशर्रफ भी ना , गलत जगह हाथ डाल देता है , मुझे किस करता तो , कम से कम , झापड़ तो ना पड़ता ।
अटल सोच रहे थे : अगली बार सुरंग आएगी तो फिर से करूंगा।



4 comments:
बहुत खुब मजा आ गया...
धन्यवाद
हा हा हा हा!!! अटल जी भी ...अब यही तो कर सकते है.
मेरे ख्याल से तो अटल जी के बस का ये जुगाड़ नहीं था
घुटने मल्लिका के पैदा होने से पहले ही निबट लिये थे
कोई अन्य करैक्टर ज्यादा बढ़िया लगता
फिर भी आपको बधाई
हा हा हा बढ़िया लिखा मनीष. :-)
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