भोजपुरी गाने अकसर फूहड़ ही होते हैं, लेकिन इसे देख मेरी सोच बदल गयी।
कुछ तो ऐसे हैं जो आँसू निकाल देते हैं।
कभी विचरा करते थे बेखौफ,इन गुलज़ार -ए-चमन में अब खुद को छिपाए फिरा करते हैं,गुनाहगारों की तरह .
भोजपुरी गाने अकसर फूहड़ ही होते हैं, लेकिन इसे देख मेरी सोच बदल गयी।
कुछ तो ऐसे हैं जो आँसू निकाल देते हैं।
4 comments:
तुम्हारे विचार से मैं सहमत हूं मनीष। दिल भारी कर दिया।
शायद इस तरह के गीत लोगों के सामने नहीं आ पाते , और यही वह कारण है जो भोजपुरी गीतों को फूहड मानने पर विवश करते है (जो कि ज्यादातर हैं भी)।
अच्छी पेशकश।
बहुत बढ़िया है भाई. लेकिन "भोजपुरी गाने अकसर फूहड़ ही होते हैं" ये कहना कहाँ तक सही है, पता नहीं. खैर ये गीत सुन कर बहुत अच्छा लगा.
बहुत बढ़िया गीत सुनाया मनीष जी धन्यवाद
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