आज एक महत्वपूर्ण दिन है, अरे भाई नागपंचमी का त्यौहार है। आज इस दिन के मौके पर कई मन्दिरों में नाग देवता पूजे जायेंगे, दूध दही से नहलाये जायेंगे और वही मन्दिर के ठीक बाहर कई नाग फन फैलाये टुकुर टुकुर देख रहे होंगे और मदारी हाथ फैलाये। कई जगह मेला भी लगेगा जैसे कि यहाँ इलाहाबाद में मेरे पूज्य देव नागवासुकी महाराज जो कि इस पेज के सबसे नीचे मेरे साथ विराजमान है लेकिन डर के मारे मेरे पीछे छिपे हैं, कि मानव मेरे भी दाँत न तोड़ दे, इनके यहाँ भी मेला लगेगा। आज मेले में नागवासुकी महाराज देखेंगे कि कैसे ढेर सारे मानवों का जत्था उनके मन्दिर में घुसने के लिये मारपीट करेगा। दूध चढ़ाने के चक्कर में दूध मुँह पर फेक देगा और यह भी देखेंगे कि कैसे उनका दरबार दूध का समंदर बन जायेगा जिसमें दूध से वंचित बच्चे फिसल पड़ेंगे। वाकई आज एक महत्वपूर्ण दिन है।
इसी महत्वपूर्ण दिन के 23 साल पहले इसी त्यौहार के दिन एक और लाचार इस दुनिया में झटक दिया गया, वो भी सुबह सुबह जब सूरज महाराज अपनी आँख खोलने ही वाले थे। शायद वो यह दृश्य देखना नही चहते थे तभी तो वे काले बादलों की ओट में छिप पड़े थे और बादल उन्हें बहरियाने के चक्कर में बरस पड़े थे। तो ज़नाब मैं ही था वो लाचार और आज ही है मेरा जन्मदिन। हमारे यहाँ जन्मदिन के अवसर पर दीप जलाये जाते हैं और ईश्वर से प्रार्थना की जाती है कि हे! ईश्वर मेरे अन्दर इसी दीप की भाँति ज्ञान ज्योति को प्रज्ज्वलित कीजिए। आजकल जन्मदिन मनाने के खास तरीके हैं जैसे 10-20 मोमबत्ती जलाना और फिर थोड़ी देर बाद फूँक कर बुझा देना और तालियाँ बजाना कि हें हें हें दीप बुझ गया। अगर इस नजरिए से देखें तो गलत अर्थ निकल जायेगा। सबका अपना अपना नजरिया होता है अपने अपने ढंग होते हैं अगर कुछ कह दिया तो हमारे राज भैया की भाँति एक और संदेश मिल जायेगा कि भाई दुनिया में एक आप सीधे (शरीफ़) हैं और दूसरा पता नही।
सीधा होना क्या है मुझे तो पता नही लेकिन हाँ बचपन में जब कोई लड़का किसी लड़के को पटक कर मार देता था तो मार खाये लड़के की माँ शिकायत लेकर पहुँचती थी कि मेरा बेटा सीधा है तो तुम्हारा बेटा इसे मारेगा?? मतलब जो मार खाये वह सीधा। चौराहे पर किसी रिक्शे वाले को थपड़िया रहे कार वाले को देखकर तमाशाबीन कहेंगे कि ये रिक्शा वाला सीधा है तभी तो पलटवार नही कर रहा है। मतलब जो लाचार वह सीधा। सीधे होने की और भी ढेर सारी कंडीशन है जैसे हमारे प्रधानमन्त्री सीधे हैं।
बचपन से ही मोहल्ले की औरतें मुझे सीधेपन से नवाजती और साथ में यह भी कहती बेचारा सही से बोल नही पाता। मतलब जो बोल न पाये वह सीधा। अपना लड़कपन तो इसी तनाव में गुजार दिया कि मेरा कोई दोस्त नही। कोई हमउम्र मिलता तो पहले हँसता फिर दोस्ती के प्रस्ताव को लात मार देता। जैसा कि सभी जानते है कि दूसरों से फायदा कैसे उठाये, ऐसे भी कुछ मिल गये जो दोस्ती का नाटक कर मजे लिए और काम निकल जाने पर बुरा भला कह गये। मतलब जो बर्दास्त करे वह सीधा।
धीरे धीरे इतने बरस बीत गये लेकिन मेरी इस सीधाई ने साथ नही छोड़ा और मैं इस सीधेपन के साथ आज धूर्तों की भीड़ में खड़ा हूँ।
गांधी जी ने कहा था कि मौन व्रत रखो सही फैसला कर सकने में मददगार होगा। यहाँ तो इसी व्रत का पालन बचपन से हो रहा है और फैसला कर भी रहा हूँ कि भैया पलटवार करना बेकार है क्योंकि एक तो हम अकेले किसी से मार करने क्यों जाये। पता चले गये भौकाल टाइट करने और माहौल हँसी वाला बन जाय। यहाँ तो दोस्ती भी स्वार्थवश होती है।
जैसे एक बार किसी समारोह में जाना था तो हमारे एक सहपाठी ने जोर देकर कहा था कि भैया इसको मत ले जाना नहीं तो बेइज्जती हो जायेगी। मतलब जो बेइज्जती कराये वह सीधा।
सीधाई की बातें कई हैं। बस दुख तभी होता है जब कोई दुख देता है, बाकी कौन है जो पूरा खुश है। इसी बात से हम खुश हैं और रहेंगे।
सबको अपनी खास सवारी उड़न तश्तरी उड़ाने वाले समीर भैया भी इसी सिधाई का फायदा उठा लिये और मेरी मिठाई भी साथ उड़ा ले गये।
खैर मिठाई तो आज खूब खाई लेकिन सीधेपन वाली बात कुछ ज्यादा मीठी लगी।
कुछ लोग देख कर ही नाप लेते है कि किसी व्यक्ति में सीधाई की कितनी मात्रा शेष है। कुछ जाति पूछ्कर नापते है कुछ रंग देखकर … और इनकी सारी गणना इस दोहे से होती है -
करिया (काला) बाभन (ब्राह्नण) गोर चमार, इनसे रहिये सदा हुसियार (होशियार)।
कुछ मुझे देखते हैं और जाति जानने के चक्कर मे पूरा नाम भी पूछ लेते हैं जब उन्हें पता चलता है कि मैं यादव हूँ तो बात बात में कह देते हैं
"अहीर मिताई तब करे जब सगर जाति मिट जाय"
फिर भी मैं खुश रहता हूँ ……
अपनी सिधाई और सीधेपन के साथ ………



7 comments:
are bhai aapaka janmdin agar aaj hai to badhai vaise mai to ye soch raha tha ki aapka janmdin 20 august hai
वाकई बड़े सीधे जी है आप.......लेख दिलचस्प लगा ओर आप भी....
पहले तो आप को जन्म दिन की बधाई.फ़िर आप के दिलचस्प लेख की बधाई. हां भाई आप सच मे बहुत सीधे हो यह हम मान गये, अजी बिलकुल बांस की तरह से सीधे... कोई शक नही
जन्मदिन मुबारक।
सीधे साधे मनई को जन्म दिन की शुभकामनाऐं एवं बधाई बिना मिठाई :).और साथ ही नागपंचमी के पर्व पर आपको बधाई एवं शुभकामनाऐं.
जन्म दिन की बहुत शुभकामनाएं!
सीधेपन के ताने से परेशान हैं तो शादी कर लीजिये. शादी से पहले हम भी इसी तरह बदनाम थे. शादी के कुछ बरस बाद जब एक पुराने मित्र की पत्नी ने मुझे सीधा बताया तो हमारी विदुषी पत्नी ने तुंरत ही करेक्ट किया, "हाँ, बिल्कुल जलेबी की तरह सीधे हैं"
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