Sunday 1 June 2008

फिर चले आये मुंह उठाये ..........

 

    काफी दिनों की अनुपस्थिति के बाद फिर ब्लॉग की गलियों में झांकने का मन कर रहा है .


दो तीन जगह तो झाँक भी लिया . काफी बदलाव आ गया है .....


    कई जगह "आंधी" आई ....बंदरों ने करामात दिखाई .... किसी ने मुंह की खाई ...और कुछ ने खोपडी खाई .

वैसे खोपड़ी खाने का चलन बहुत पुराना है
  मैं हूँ न !!...  :)

लेकिन काफी वीर भरे पड़े हैं ...जो मुझसे कई गुना असर डालते हैं खोपड़ी पर ...


खैर इसे छोड़ते हैं ...और अब हम लगते हैं अपने काम पर ...

भई  !  कई खोपड़ी खानी बाकी है  ......आप की भी खा सकते हैं ..अगर हो तो !!

2 comments:

Udan Tashtari said...

आ गये, बालक. खुशी हुई पुनः देखकर. अब जारी हो जाओ. :)

Madurai citizen said...

आ गये, बालक. खुशी हुई पुनः देखकर. अब जारी हो जाओ.